त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल मुकाबले में भारत ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के खिलाफ विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रदर्शन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वैभव ने महज 29 गेंदों पर 94 रन ठोकते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। हालांकि वह अपने शतक से सिर्फ 6 रन दूर रह गए।
श्रीलंका ए ने फाइनल में टॉस जीतकर भारत ए को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 53 गेंदों में 132 रन जोड़कर टीम को तूफानी शुरुआत दिलाई।
वैभव ने अपनी आक्रामक पारी के दौरान 10 चौके और 8 शानदार छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी इतनी विस्फोटक थी कि उन्होंने केवल 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया। वह पूरे मैच में 324.14 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते नजर आए और ऐसा लग रहा था कि वह बेहद कम गेंदों में शतक भी पूरा कर लेंगे, लेकिन 94 रन के निजी स्कोर पर उनका विकेट गिर गया। हालांकि वैभव शतक से चूक गए, लेकिन उनकी इस ताबड़तोड़ पारी ने भारत ए को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।






