Home Uttarakhand news धराली आपदा के एक साल बाद बदली तस्वीर, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण...

धराली आपदा के एक साल बाद बदली तस्वीर, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों ने पकड़ी रफ्तार

25
0

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा को एक वर्ष पूरा हो चुका है। तबाही के बाद अब क्षेत्र में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों ने नई रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता, आवास, आजीविका और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ भविष्य में आपदा के जोखिम को कम करने के लिए भी तेजी से काम कर रहा है।

प्रशासन के अनुसार, आपदा में जान गंवाने वालों के आश्रितों को एसडीआरएफ मानकों और मुख्यमंत्री राहत कोष से कुल पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। शासन की गाइडलाइन के तहत 19 लापता लोगों को मृत घोषित कर उनके परिजनों को भी सहायता राशि प्रदान की गई। घायलों और मकान क्षतिग्रस्त होने वाले परिवारों को भी नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई गई। पूरी तरह क्षतिग्रस्त 115 मकानों के स्वामियों को 5.75 करोड़ रुपये की सहायता दी गई, जबकि बेघर परिवारों को छह महीने तक किराया सहायता भी उपलब्ध कराई गई।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए होटल और दुकान संचालकों को मुख्यमंत्री राहत कोष से करोड़ों रुपये की सहायता दी गई। वहीं बागवानी, कृषि और पशुपालन क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए किसानों और बागवानों को अनुदान, कृषि उपकरण, बीज, पौधे और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए। सेब खरीद के माध्यम से एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे बागवानों के खातों में भेजी गई।

भविष्य में आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए नदी चैनलाइजेशन, तट सुरक्षा, सुरक्षात्मक दीवारों के निर्माण और मलबा हटाने जैसे कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। इसके साथ ही सड़क, पुल और राष्ट्रीय राजमार्गों की मरम्मत के बाद क्षेत्र में आवागमन भी सामान्य हो चुका है। बिजली, पर्यटन, शिक्षा, ग्राम्य विकास और अन्य विभाग भी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य केवल राहत राशि वितरित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक प्रभावित परिवार का सुरक्षित और स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि सभी विभागों के समन्वय से पुनर्निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि हर पात्र परिवार तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here