लखनऊ, 15 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के 1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में देशभक्ति का उल्लास देखने को मिला। प्रदेशभर के विद्यालयों में करीब 1.41 करोड़ बच्चों ने तिरंगे को सलामी दी और राष्ट्रगान व वंदे मातरम् के सामूहिक गायन में हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यालय परिसर ‘भारत माता की जय’ के जयघोष से गूंज उठे।
सुबह से ही विद्यालयों में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां दिखाई देने लगीं। तिरंगे, फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजे विद्यालय परिसरों में बच्चों ने देशभक्ति गीत, कविता, नृत्य और नाटक प्रस्तुत किए। कई विद्यालयों में तिरंगा रैली के साथ वाद-विवाद और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी हुआ। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायकों के त्याग और बलिदान को याद किया। स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों ने बच्चों में राष्ट्रप्रेम के साथ जिम्मेदारी और राष्ट्रनिर्माण की भावना को भी मजबूत किया। तिरंगे को सलामी देते बच्चों का उत्साह और सामूहिक रूप से लगाए गए ‘भारत माता की जय’ के नारों ने पूरे माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय और शिक्षा निदेशक बेसिक कैंप कार्यालय में महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी तथा शिक्षा निदेशक बेसिक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। इस दौरान बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार संदीप सिंह का संदेश पढ़कर सुनाया गया। संदेश में शिक्षा को राष्ट्रनिर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए बच्चों को सक्षम, जिम्मेदार और उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार करने के संकल्प को रेखांकित किया गया। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी एससीईआरटी में निदेशक गणेश कुमार और राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान में निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने भी ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को नमन किया। इस अवसर पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई।
प्रदेशभर के विद्यालयों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने स्वतंत्रता आंदोलन की गौरवगाथा को जीवंत कर दिया। बच्चों ने गीत, कविता, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद किया। तिरंगा रैलियों, वाद-विवाद और खेल प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों को देश के इतिहास और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ा गया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं ने भी स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया। छात्राओं ने गीत, कविता और नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए स्वतंत्रता सेनानियों के शौर्य को नमन किया। उनकी प्रस्तुतियों में शिक्षा, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रनिर्माण में बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका का संदेश भी दिखाई दिया।
स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों में बच्चों के साथ अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रम जनभागीदारी के उत्सव में बदल गए। गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर तिरंगे की छांव में एकता, भाईचारे, राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी के संदेश से गूंजते रहे।