गोमतीनगर के होटल क्रिस्टेलिया में आधे घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा, मैनेजर और कर्मचारियों से मारपीट का आरोप; दो जालसाज गिरफ्तार
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित होटल क्रिस्टेलिया में 15 अगस्त की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो जालसाज खुद को विदेश मंत्रालय का सेक्शन ऑफिसर बताकर होटल में घुस गए। आरोप है कि दोनों ने होटल का गेट अंदर से बंद कर मैनेजर और कर्मचारियों को करीब आधे घंटे तक बंधक बनाए रखा। इसके बाद होटल के रजिस्टर और दस्तावेज खंगालते हुए हर कमरे की तलाशी लेने लगे।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। होटल मैनेजर की तहरीर पर गोमतीनगर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी पहचान पत्र दिखाकर होटल में घुसे जालसाज
अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी अमोल मुरकुट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ के भावनपुर किला रोड निवासी शिवम चौहान और नोएडा सेक्टर-120 स्थित प्रतीक लॉरेन निवासी अभिनव सिंह के रूप में हुई है।
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुरकुट के मुताबिक दोनों के पास से विदेश मंत्रालय का सेक्शन ऑफिसर लिखा और फोटो लगा फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है।
गेट अंदर से लॉक कर मैनेजर और स्टाफ को बनाया बंधक
होटल मैनेजर सर्वोत्तम पाठक की तहरीर के मुताबिक 15 अगस्त की रात एक कार होटल के बाहर आकर रुकी। कार में एक व्यक्ति बैठा रहा, जबकि दो लोग होटल के अंदर पहुंचे। आरोप है कि अंदर पहुंचते ही दोनों ने होटल का गेट अंदर से लॉक कर दिया।
इसके बाद उन्होंने खुद को विदेश मंत्रालय का अधिकारी बताते हुए होटल की तलाशी लेने की बात कही। विरोध करने पर कर्मचारियों को जेल भेजने की धमकी देने का आरोप है।
विरोध करने पर दो कर्मचारियों का गला दबाने का आरोप
होटल मैनेजर के मुताबिक तलाशी का विरोध करने पर जालसाजों ने दो कर्मचारियों के साथ मारपीट की और उनका गला दबाया। इसके बाद वे रिसेप्शन पर पहुंचे और होटल के दस्तावेज व एंट्री रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिया।
तुर्किए की महिला की तलाश में खंगाला पूरा होटल
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी होटल में तुर्किए की रहने वाली फिरोजा नाम की महिला की तलाश में पहुंचे थे। आरोपियों ने रिसेप्शन पर मौजूद रिकॉर्ड और एंट्री रजिस्टर खंगाला, लेकिन जिस महिला की तलाश की जा रही थी, उसके होटल में ठहरने की जानकारी नहीं मिली।
इसके बावजूद दोनों ने होटल के एक-एक कमरे को खुलवाकर तलाशी लेने का प्रयास किया। इस दौरान विरोध करने पर विवाद और हाथापाई होने का आरोप है।
होटल में अवैध गतिविधियों का हवाला देकर दी धमकी
आरोप है कि दोनों जालसाज होटल में अवैध गतिविधियां होने का हवाला देकर कर्मचारियों पर दबाव बना रहे थे। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच कराने और सभी को जेल भेजने की धमकी भी दी।
मैनेजर के मुताबिक इस दौरान होटल के कर्मचारियों के साथ-साथ कई ग्राहक भी परेशान रहे।
सभी के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए
होटल मैनेजर का आरोप है कि जालसाजों ने करीब आधे घंटे तक होटल स्टाफ को बंधक बनाए रखा और इस दौरान मैनेजर व कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए। करीब आधे घंटे तक किसी को होटल के अंदर आने या बाहर जाने नहीं दिया गया।
घटना के बाद मैनेजर ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
फर्जी आईडी, आधार कार्ड और क्रेडिट कार्ड समेत कई सामान बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक बरामद सामान में—
478 विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के फर्जी आईडी कार्ड/विजिटिंग कार्ड
एक चेक
तीन फर्जी आधार कार्ड
विदेश मंत्रालय का लोगो/पहचान वाला प्लास्टिक कार्ड और गले में पहनने की पट्टी
14 क्रेडिट कार्ड
दो चेकबुक
तीन मोबाइल फोन
शामिल हैं।
तुर्किए की महिला से कई साल से संपर्क का दावा
मामले के विवेचक प्रेम कुमार के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शिवम और अभिनव दोनों कई वर्षों से फिरोजा के संपर्क में थे। पुलिस के अनुसार फिरोजा उनके साथ अलग-अलग जगहों पर रही थी।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि महिला के पासपोर्ट और वीजा की वैधता समाप्त हो चुकी थी। फिलहाल पुलिस फिरोजा के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
जांच एजेंसियों ने भी आरोपियों से की पूछताछ
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अन्य जांच एजेंसियों के अधिकारियों ने भी गिरफ्तार दोनों आरोपियों से घंटों पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर एजेंसियां अपनी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज रही हैं।
पुलिस खंगाल रही जालसाजी का पूरा नेटवर्क
गोमतीनगर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने विदेश मंत्रालय के नाम वाले फर्जी पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज कहां से तैयार कराए थे। साथ ही बरामद 478 फर्जी आईडी कार्ड, क्रेडिट कार्ड, चेकबुक और अन्य दस्तावेजों के इस्तेमाल और इनके पीछे मौजूद नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।