लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर सामने आई खबरों पर प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अपने सहयोगी दलों को साथ बनाए रखने के लिए सीटों के बंटवारे की रणनीति पर काम कर रही है।
अखिलेश यादव ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि भाजपा आरएलडी को 73, सुभासपा को 39, निषाद पार्टी को 31 और अपना दल को 19 सीटें देने की योजना बना रही है। हालांकि, इन सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा या संबंधित सहयोगी दलों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह योजना कथित तौर पर ‘पीडीए’ के दबाव में बनाई जा रही है, लेकिन उनके मुताबिक पीडीए की आबादी के अनुपात में यह हिस्सेदारी भी आधे से कम है। उन्होंने दावा किया कि इसलिए भाजपा की यह रणनीति सफल नहीं होगी।
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली, सड़क निर्माण और कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती समेत अन्य भर्तियों में आरक्षण के मुद्दे को भी उठाया।
अखिलेश यादव ने अग्निवीर योजना, किसानों-मजदूरों और कर्मचारियों के मुद्दों के साथ-साथ बुलडोजर कार्रवाई, पुलिस हिरासत में मौत, व्यापारियों और युवाओं से जुड़े मामलों को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों से समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष है। अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में दावा किया कि जनता भाजपा को नकार चुकी है और आगामी चुनाव में उसे सत्ता से बाहर करने के लिए तैयार है। उन्होंने पोस्ट का समापन “जन-जन कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!” के नारे के साथ किया।