उत्तर प्रदेश में उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने शक्ति भवन में विद्युत व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को लंबित कनेक्शन आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “कनेक्शन देना हमारा काम है, इसमें विलंब ठीक नहीं है।” उन्होंने चेतावनी दी कि विद्युत कनेक्शन देने में अनावश्यक देरी या आनाकानी की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर जिम्मेदार अधिकारियों की विजिलेंस जांच भी कराई जाएगी।
निवेश मित्र और झटपट पोर्टल पर लंबित विद्युत कनेक्शन आवेदनों की आवेदनवार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां किसी आवेदन में समस्या है, वहां आवेदक से तत्काल संपर्क कर उसका समाधान कराने को कहा गया है, ताकि उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को बिजली कनेक्शन के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
बैठक में उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। बिजली बिल सुधार के लिए लगाए जा रहे शिविरों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अधिक से अधिक शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जाए। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है।
इसके साथ ही नगरीय, तहसील और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति, फीडर मीटरों के आंकड़ों और वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण कर कमियों की पहचान और तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने अधिक लाइन हानि वाले फीडरों और क्षेत्रों में चल रही कार्रवाई की जानकारी लेते हुए फीडरवार कार्ययोजना तैयार कर नियमित निगरानी के निर्देश दिए। क्षतिग्रस्त वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थिति और उनके लिए जिम्मेदार कार्मिकों के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
100 केवीए से कम क्षमता वाले वितरण ट्रांसफार्मरों पर फ्यूज सेट लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया। अधिकारियों को राजस्व वृद्धि, लाइन हानि में कमी, बेहतर बिलिंग, स्मार्ट मीटर की प्रभावी मॉनिटरिंग और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
डॉ. गोयल ने कहा कि विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनाते हुए उपभोक्ताओं को बेहतर, पारदर्शी और निर्बाध विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बैठक में यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार समेत निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।