आरक्षण को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी बहस के बीच कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब इस बात पर फोकस किया जाना चाहिए कि आरक्षण का लाभ लेकर जो लोग समाज की मुख्यधारा में आ चुके हैं, उन्हें आरक्षण के दायरे से अलग किया जाए। राजभर ने केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें आरक्षण का विरोध करने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई थी। राजभर ने कहा कि अठावले को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी पढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने आरक्षण कमजोर वर्गों को ऊपर उठाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए दिया था। राजभर ने सवाल उठाते हुए कहा कि आज प्रशासनिक और संवैधानिक पदों पर पहुंच चुके लोगों के बच्चे भी आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं। ऐसे में इस बात पर विचार होना चाहिए कि जो लोग पहले ही मुख्यधारा में आ चुके हैं, उन्हें आरक्षण से अलग किया जाए।
आरक्षण को लेकर यूपी में सियासत तेज
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार को लेकर हुए आंदोलन के बाद से उत्तर प्रदेश में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरक्षण सुधार के नाम पर इसे खत्म करने की साजिश बताया था। उन्होंने कहा था कि आरक्षण पीडीए का अधिकार है और यह किसी की इच्छा का विषय नहीं है। वहीं, यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी आंदोलनकारियों के साथ खड़े नजर आए थे। उन्होंने कहा था कि वह युवाओं के साथ हैं। ऐसे में ओम प्रकाश राजभर के ताजा बयान ने आरक्षण को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और गरमा दिया है।
