चंडीगढ़ में सिख बंदियों की रिहाई को लेकर प्रदर्शन, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। मोहाली से राजभवन की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले तथा पानी की बौछार का इस्तेमाल करना पड़ा।
बैरिकेड हटाने की कोशिश, पुलिस से हुई झड़प
प्रदर्शनकारी राजभवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड और कंटीले तार लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने इन्हें हटाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
सजा पूरी कर चुके बंदियों की रिहाई की मांग
प्रदर्शनकारी पंजाब की जेलों में बंद उन सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं, जिनके बारे में उनका दावा है कि वे अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग भी की जा रही है।
सिमरनजीत सिंह मान हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान को पुलिस ने हिरासत में लिया। बताया गया कि वह कुछ लोगों के साथ राज्यपाल आवास की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे।
21 अगस्त को पंजाब बंद का ऐलान
वहीं, कौमी इंसाफ मोर्चा ने सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर 21 अगस्त को पंजाब बंद का ऐलान किया है। कई सिख संगठनों की ओर से इस बंद को समर्थन दिए जाने की बात कही गई है।
हवारा ने की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
प्रदर्शन से पहले जगतार सिंह हवारा का जेल से वीडियो संदेश भी सामने आया था। इसमें उन्होंने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने और किसी भी तरह की शरारत से बचने की अपील की थी। हवारा की बीमार मां से मुलाकात के लिए पैरोल की मांग भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश राज्यपाल से की है। यह सिफारिश आगे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई है फिलहाल सिख बंदियों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा की पैरोल का मुद्दा पंजाब में एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच आगे क्या बातचीत और कार्रवाई होती है।