लखनऊ में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की 160वीं जयंती के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान अखिलेश यादव ने रानी अवंती बाई लोधी के साहस, शौर्य और अंग्रेजों के खिलाफ उनके संघर्ष को याद किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में रानी अवंती बाई लोधी का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरह वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ मोर्चा संभाला था, उसी तरह रानी अवंती बाई लोधी ने भी अदम्य साहस के साथ अंग्रेजों का मुकाबला किया।
उन्होंने कहा कि देश ऐसे वीर योद्धाओं और वीरांगनाओं को हमेशा याद करता रहेगा, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा और स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।रानी अवंती बाई की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे अखिलेश यादव ने इस मौके को राजनीतिक मुद्दों से भी जोड़ दिया। उन्होंने संविधान और लोकतंत्र को लेकर सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा कि संविधान मजबूत रहेगा तो लोकतंत्र मजबूत रहेगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।अखिलेश यादव ने परिसीमन के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि देश में परिसीमन को लेकर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने देश की सीमाओं की सुरक्षा और विदेश नीति को लेकर भी सवाल खड़े किए। अखिलेश ने सरकार से पूछा कि देश की सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े विषयों पर सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं।महंगाई के मुद्दे पर भी सपा अध्यक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने पेट्रोल में मिलावट का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किए। किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने खाद की किल्लत को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि किसान लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं।लखनऊ में जलभराव के मुद्दे को भी अखिलेश यादव ने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राजधानी में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या लगातार सामने आती है और सरकार को इसका स्थायी समाधान निकालना चाहिए।

उन्होंने शहर की व्यवस्थाओं और जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए।पर्यावरण के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी बराबर ध्यान दिया जाना चाहिए।रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा पर अचानक पहुंचे अखिलेश यादव ने जहां वीरांगना को श्रद्धांजलि देकर उनके योगदान को याद किया, वहीं उनके राजनीतिक बयानों ने कार्यक्रम को सियासी रंग भी दे दिया। वीरांगना की जयंती के मौके पर इतिहास, संविधान, लोकतंत्र, किसान, महंगाई, पर्यावरण और स्थानीय समस्याओं को लेकर अखिलेश यादव के तेवर साफ नजर आए।रानी अवंती बाई लोधी की 160वीं जयंती का यह कार्यक्रम श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अखिलेश यादव के बयानों के बाद राजधानी लखनऊ में सियासी चर्चा का विषय भी बन गया।