देहरादून। उत्तराखंड में रोपवे परियोजनाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने पर्वतमाला परियोजना के तहत प्रस्तावित 50 रोपवे परियोजनाओं की लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा कर नई समयसीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सोनप्रयाग-केदारनाथ, टनकपुर-पूर्णागिरि, काठगोदाम-नैनीताल, गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब, कनकचौरी-कार्तिक स्वामी, देहरादून-मसूरी और जानकीचट्टी समेत प्रमुख रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति, सामने आ रही अड़चनों और उन्हें दूर करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी प्राप्त की।
बैठक में हरिद्वार-ऋषिकेश क्षेत्र में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं, उत्तराखंड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की कार्यप्रगति और भविष्य की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे बेहतर कनेक्टिविटी के साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक रोपवे परियोजना की समेकित योजना में पर्याप्त पार्किंग सुविधा को भी शामिल किया जाए, ताकि यात्रियों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए लाइसेंसिंग और अनुमोदन की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया। धामी ने कहा कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के माध्यम से अधिक से अधिक रोपवे परियोजनाओं को जल्द धरातल पर उतारा जाए। इसके लिए संभावित निवेशकों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर ठोस कार्ययोजना तैयार करने और परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
