लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की। संजय सिंह सपा मुख्यालय पहुंचे, जहां दोपहर करीब 1 बजे उनकी अखिलेश यादव के साथ अहम बैठक हुई।
इस मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संजय सिंह और अखिलेश यादव की बैठक के बाद सपा और आम आदमी पार्टी के बीच संभावित चुनावी तालमेल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच यूपी में संभावित गठजोड़ और सीट शेयरिंग की संभावनाओं पर चर्चा होने की अटकलें हैं।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव अब राजनीतिक दलों के लिए सबसे बड़ा लक्ष्य बनता जा रहा है। ऐसे में विपक्षी दलों के बीच संभावित तालमेल की हर गतिविधि को सियासी नजरिए से देखा जा रहा है। संजय सिंह की अखिलेश यादव से यह मुलाकात भी इसी वजह से अहम मानी जा रही है।
बैठक के बाद अब राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहा है कि क्या समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी यूपी में साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं? क्या दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर कोई फॉर्मूला तैयार किया जा सकता है? हालांकि, फिलहाल इन सवालों पर दोनों ही दलों की ओर से कोई आधिकारिक तस्वीर सामने नहीं आई है।
संजय सिंह और अखिलेश यादव की मुलाकात के बाद सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म है। एक तरफ 2027 के लिए सपा अपने संगठन और चुनावी रणनीति को मजबूत करने में जुटी है, तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी भी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रही है।
फिलहाल गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन चुनाव से काफी पहले हुई इस अहम मुलाकात ने यूपी की सियासत में नई चर्चाओं को जरूर जन्म दे दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में सपा और AAP के बीच यह मुलाकात सिर्फ राजनीतिक संवाद तक सीमित रहती है या फिर 2027 के चुनावी मैदान में दोनों दल किसी साझा रणनीति के साथ उतरते हैं।