उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में शनिवार को उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रांतीय अधिवेशन के दौरान उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सलामी मंच से नीचे उतरते नजर आए। इसी दौरान प्रेक्षागृह के अंदर राष्ट्रगान शुरू हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
मामले को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सोशल मीडिया के जरिए सफाई जारी की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को लेकर सही तथ्यों की जानकारी होना बेहद जरूरी है और किसी भी तरह का भ्रम नहीं फैलना चाहिए। सतीश महाना ने स्पष्ट किया कि उन्नाव में गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के दौरान संयोगवश उसी समय प्रेक्षागृह के भीतर राष्ट्रगान शुरू हुआ था, जहां उनकी मौजूदगी नहीं थी। उन्होंने कहा कि गार्ड ऑफ ऑनर और प्रेक्षागृह में चल रहा कार्यक्रम दोनों अलग-अलग थे।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो साझा कर ऐसा भ्रामक विश्लेषण किया जा रहा है, मानो राष्ट्रगान के दौरान वे वहां रुके नहीं। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा से लेकर अपने विधानसभा क्षेत्र तक हर अवसर और स्थान पर उन्होंने, उनके कार्यकर्ताओं और सहयोगियों ने संविधान एवं राष्ट्रगान का सदैव सर्वोच्च सम्मान किया है और आगे भी करते रहेंगे। सतीश महाना ने मीडिया और पत्रकारों से भी अपील की कि किसी भी वीडियो या घटना पर चर्चा करने से पहले तथ्यों की सत्यता की जांच जरूर करें, ताकि सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक जानकारी के कारण किसी तरह का भ्रम न फैले। गार्ड ऑफ ऑनर और राष्ट्रगान के समय को लेकर वायरल हुए वीडियो ने सोशल मीडिया पर सवाल खड़े किए थे। अब विधानसभा अध्यक्ष की ओर से जारी स्पष्टीकरण के बाद उन्होंने पूरे घटनाक्रम को दो अलग-अलग कार्यक्रमों से जुड़ा मामला बताया है।